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उधारी…अफेयर…रंजिश, आखिर क्या है बच्चों की हत्या का राज:3 पॉइंट पर जांच; साजिद की मां बोली-बेटे ने जैसा किया, उसके साथ वैसा हुआ

यूपी का बदायूं जिला पिछले दो दिन से चर्चा में है। इसकी वजह 19 मार्च की रात को हुई दो नाबालिग भाइयों की हत्या। यहां सैलून चलाने वाले साजिद ने अपने भाई जावेद के साथ मिलकर पहले 13 साल के आयुष को जानवरों को काटने वाले चाकू से गोदकर मारा। उसके बाद आयुष के भाई 6 साल के आहन उर्फ अनु का भी बेरहमी से कत्ल कर दिया। हालांकि, साजिद को 3 घंटे के अंदर ही बदायूं पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।

अपने दो बेटों को खोने वाली संगीता बेसुध हालत में है। वह रो-रोकर यही कह रही है कि मेरे बच्चों ने आखिर क्या बिगाड़ा था? आयुष और आहन का 11 साल का तीसरा भाई पीयूष इस घटना का चश्मदीद है।

मगर, घटनास्थल पर क्राइम सीन और FIR की कहानी आपस में उलझती दिख रही है। मौका-ए-वारदात पर कई सवाल ऐसे हैं, जिन पर पुलिस काम कर रही है। इनमें से 3 सबसे बड़े कारण हैं, जिन पर पुलिस की जांच टिकी है।

  • पहले मृतक बच्चों के घर की 4 तस्वीरें
यह ठेकेदार विनोद सिंह का मकान है। विनोद के बेटे आयुष व आहन को मौत के घाट उतारा है।
यह विनोद के मकान में ऊपरी मंजिल पर ब्यूटी पार्लर की तस्वीर है।
दो बेटों की हत्या के बाद संगीता अपने तीसरे बेटे पीयूष का सिर गोद में रखकर रोते हुए।
छत पर इसी स्थान पर साजिद ने आयुष और आहन की हत्या की।
  • पढ़िए डबल मर्डर का क्राइम सीन

बदायूं के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में फर्रुखाबाद हाईवे पर बाबा कॉलोनी है। यहां रहने वाले विनोद सिंह ठेकेदार हैं। उनकी पत्नी संगीता मकान की ऊपरी मंजिल पर ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। परिवार में विनोद की 58 साल की मां मुन्नी देवी हैं, जो होमगार्ड हैं। वह उझानी में तैनात हैं। विनोद के तीन बेटे आयुष (13 साल), पीयूष (11 साल) और आहन उर्फ अनु (7 साल) थे। इनमें से आयुष और आहन की हत्या हुई है। पीयूष पूरी वारदात का चश्मदीद है।

पहले आयुष को फिर आहन को मौत के घाट उतारा
मकान के ऊपरी मंजिल की छत पर खून के निशान अभी भी हैं। यहां गेट की तरफ आहन खून से लथपथ हालत में पड़ा था। करीब 3 मीटर की दूरी पर छत पर ही आयुष खून से लथपथ था। पुलिस की जांच में सामने आया कि साजिद ने पहले आयुष को मारा। इसके बाद उसकी चीख-पुकार सुनकर आए आहन को मौत के घाट उतार दिया।

इसी बीच ऊपर आए पीयूष को कमरे की तरफ धकेल दिया। पीयूष ने यह भी कहा था कि अंकल क्यों मार रहे हो? गेट क्यों बंद कर रहे हो? नीचे रसोई में संगीता चाय बना रही थी। बच्चों की दादी भी नीचे के कमरे में थी।

शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी संगीता के घर पहुंच गए। भीड़ ने साजिद को पकड़ लिया, मगर वह तमंचा और चाकू से लोगों को धमकाते हुए भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने रात में कॉम्बिंग की और 4 किमी दूर शेखपुर के जंगल में साजिद को मार गिराया।

  • अब हत्या के 3 कारण, जिन पर टिकी है पुलिस की जांच
तस्वीर में लाल घेरे में दोनों बच्चे, जिनकी हत्या की गई।

1. उधार के पैसों का कारण

पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि साजिद, विनोद के घर में पहुंचा और उनकी पत्नी संगीता से कहा कि भाभी मुझे 5 हजार रुपए चाहिए। मेरी पत्नी की डिलीवरी होनी है। मेरे पास एक हजार रुपए हैं। डॉक्टर ने 2 घंटे का समय दिया है। संगीता ने पांच हजार साजिद को दिए। जिसके बाद संगीता ने कहा कि मैं चाय बनाकर लाती हूं, मम्मी भी ड्यूटी से आई हैं।

उसके बाद साजिद ऊपर के कमरे में पहुंचा, जहां छत पर जाकर पहले आयुष को मारा, फिर 7 साल के आहन का कत्ल कर दिया। यही बात बच्चों की मां संगीता और दादी मुन्नी ने भी कही है। जबकि साजिद की पत्नी ने कहा कि मैं गर्भवती ही नहीं हूं।

2. पहले का विवाद या कोई रंजिश थी

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों भाई साजिद और जावेद विनोद के घर के सामने की दुकान में बाल कटिंग का काम करते हैं। ऐसे में उन्होंने कभी किराए पर दुकान मांगने का तो प्रयास नहीं किया। क्योंकि विनोद के मकान में ऊपरी तरफ पत्नी संगीता ब्यूटी पार्लर चलाती है। कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी विवाद या रंजिश में दोनों भाइयों को मार दिया हो। हालांकि परिवार ने पुलिस से रंजिश या विवाद की बात से इनकार किया है।

3. किसी राज को लेकर तो हत्या नहीं की गई

एनकाउंटर में मारे गए साजिद के साथ कई राज दफन हो गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं साजिद का कोई राज तो इन बच्चों को नहीं पता था। क्योंकि सड़क के दूसरी साइड साजिद और जावेद की दुकान है। इस दुकान पर बाल कटवाने विनोद के तीनों बच्चे भी जाते थे। आसपास की कहीं कोई महिला तो साजिद की करीबी नहीं थी, जिसके साथ बच्चों ने साजिद को देख लिया हो। ऐसा भी माना जा रहा है कि कहीं इसी का राज खुलने के डर से तो बच्चों को मार दिया हो।

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